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Meri Tibbat Yatra

Author(s): Rahul Sankrityayan
Publisher: Lokbharti Prakashan
Language: Hindi
Total Pages: 216
Available in: Paperback
Regular price Rs. 350.00
Unit price per

Description

मेरी तिब्बत यात्रा

तिब्बत, जिसे 'दुनिया की छत' भी कहा जाता है, एक अद्वितीय और रहस्यमय स्थल है। यह क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। मेरी तिब्बत यात्रा का अनुभव मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव था, जो न केवल मेरे मानसिक दृष्टिकोण को बदलने वाला था, बल्कि मेरे आत्मिक यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

यात्रा की शुरुआत

मेरी तिब्बत यात्रा की शुरुआत भारत के हिमाचल प्रदेश से हुई, जहाँ से मैंने यात्रा के लिए तैयारी शुरू की। तिब्बत का प्रवेश बिंदु नेपाल के साथ भारतीय सीमा पर स्थित सिलीगुड़ी था। वहां से मुझे ल्हासा, तिब्बत की राजधानी जाने के लिए विभिन्न साधनों का उपयोग करना था। तिब्बत की यात्रा के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करनी होती है, क्योंकि यह क्षेत्र राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील है।

यात्रा का मार्ग

हमने नेपाल से तिब्बत की यात्रा की और पिरामिड के समान प्राचीन पर्वतों को पार करते हुए एक लंबी यात्रा तय की। तिब्बत के रास्ते पर हर मोड़ पर मुझे एक नई दुनिया का अहसास हो रहा था। ऊँचाई पर स्थित छोटे-छोटे गाँव, नीले आकाश में उड़ते हुए गिद्ध, और बर्फ से ढकी हुई चोटियाँ, यह सब मिलकर एक अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। तिब्बत के रास्ते में हमें कई बौद्ध मठ, मंदिर और बुद्ध के चित्रित पत्थर मिले, जो यहाँ के धार्मिक जीवन की गहरी छाप छोड़ते थे।

ल्हासा और उसकी धार्मिक महिमा

ल्हासा पहुंचने के बाद, जो तिब्बत का सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र है, मुझे यहां के ऐतिहासिक स्थल देखकर बहुत आशीर्वाद महसूस हुआ। यहां की सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है पोटाला पैलेस, जो कभी तिब्बत के धार्मिक नेता, दलाई लामा का निवास स्थान था। इस महल में हजारों साल पुरानी बौद्ध चित्रकला और मूर्तियों का खजाना छिपा हुआ है।

ल्हासा में एक और प्रसिद्ध स्थल है जोकांग मंदिर, जहां बौद्ध धर्म के अनुयायी प्रार्थना करते हैं और ध्यान लगाते हैं। जोकांग मंदिर का वातावरण बहुत ही शांति और आस्था से भरा हुआ था। यहाँ के लोग अपनी धार्मिक आस्थाओं को गहरे से मानते हैं और भिक्षु अपनी दिनचर्या में ध्यान और प्रार्थनाओं में लीन रहते हैं।

तिब्बत की संस्कृति और लोग

तिब्बत के लोग अपनी संस्कृति, धर्म और पारंपरिक जीवन शैली को बहुत सहेजकर रखते हैं। उनकी जीवनशैली में संतुलन, सरलता और प्रकृति के प्रति गहरी आस्था है। तिब्बती भाषा, कला, संगीत और नृत्य यहां के समाज की पहचान हैं। यहाँ के लोग पारंपरिक तिब्बती पोशाक पहनते हैं और उनकी दिनचर्या में धार्मिक अनुष्ठान महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

तिब्बत की प्राकृतिक सुंदरता

तिब्बत की प्राकृतिक सुंदरता ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया। हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियाँ, विस्तृत मवेशी चरागाह, और शांत झीलें यहां की प्राकृतिक विशेषताएँ हैं। नमस्ते झील और यांछेनपो जैसी झीलें अपने नीले पानी के कारण बहुत प्रसिद्ध हैं। इन झीलों के किनारे खड़े होकर, मैंने महसूस किया कि यहाँ की शांति और स्वच्छता आत्मा को शांति देती है।

यात्रा का समापन

मेरी तिब्बत यात्रा के दौरान मुझे न केवल तिब्बत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जानने का अवसर मिला, बल्कि मुझे इस क्षेत्र के लोगों की जीवनशैली, उनकी आस्थाओं और उनके संघर्षों को समझने का भी मौका मिला। यह यात्रा मेरे जीवन की एक महत्वपूर्ण यात्रा बन गई, जो मुझे आंतरिक शांति और गहरी समझ प्रदान करने में मददगार साबित हुई।

निष्कर्ष

तिब्बत एक रहस्यमय और अद्भुत भूमि है, जो अपने सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर से भरी हुई है। यह यात्रा न केवल एक भौतिक यात्रा थी, बल्कि एक मानसिक और आत्मिक यात्रा भी थी। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में फिर से तिब्बत जाने का अवसर मिलेगा, ताकि मैं इस क्षेत्र की और भी गहरी समझ प्राप्त कर सकूं।